प्रार्थना, दुआ, विनती, आशीर्वाद, असीस


दुआ शब्दो से नहीँ
दिल से होनी चाहिये
क्योंकि
खुदा उनकी भी  सुनता है
जो बोल नहीँ पाते....

ओस की बूंद सा है 
ज़िंदगी का सफ़र 
कभी फूल में तो कभी धूल में..!
हे प्रभु मेरे सभी अपनों को 
स्वस्थ और सुखी रखना.. 

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